Sunday, May 31, 2009

३ गीत .......

आज आपके लिए मेरे प्रिय गीत प्रस्तुत कर रही हूँ -
तीनो गीत पूज्य पापा जी ने लिखे हैं।
आपमें से कईयों ने शायद सुने भी होंगें ।
आज ज्यादा बातें न करते हुए , ३ सुमधुर गीत प्रस्तुत हैं ।
आशा विश्वास हमारे : ( राधा जी का चित्र )
http://www.youtube.com/watch?v=TGuCPuVAOCE&feature=PlayList&p=0A7F311EEB55874B&index=19
पण्डित भीमसेन जोशी और लतादी :
http://www.youtube.com/watch?v=fBU3LbsNBwk&feature=PlayList&p=0A7F311EEB55874B&index=0&playnext=1
और अंत में , ये पुराना गीत , जिसे संगीत दिया था सचिनदा ने और गाया है सुरैया जी ने ...
और अंत में :
सुरैया जी का गीत

http://www.youtube.com/watch?v=1Lj4Mea8VxM

21 comments:

"अर्श" said...

DIDI SAADAR PRANAAM,
NAMAN AAPKE PEETA JI KO ... ISKE PAHALE PATAA NAHI THA KE WO AAPKE PEETA JI HAI AUR AAJ TO DIL SE LAAKHO DUAAYEN NIKAL RAHI HAI...


ARSH

डॉ. मनोज मिश्र said...

उत्क्रिस्ट .

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही सुंदर्तम रचनाएं हैं तीनों ही. बहुत आभार आपका इनको यहां लगाने के लिये. बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

इन मे से पहला गीत मेरा प्रिय गीत है। मेरे कार एलबम का अहम हिस्सा है।

दिलीप कवठेकर said...

दीदी प्रणाम!!,

ये तीनों गीत संग्रहणीय है, नायाब है.

शुक्रिया. यूं ही सुनवाते रहें..

पंकज सुबीर said...

आदरणीय दीदी सा‍हब बहुत आभार इन गीतों के लिये । एक अनुरोध है यदि आपके संग्रह में प्रेम भक्ति मुक्ति के गीत हों तो वे भी सुनवायें ।

अल्पना वर्मा said...

तीनो ही गीत बहुत ही खूबसूरत हैं.
सुरय्या जी का गाया गीत पहली बार सुना.

[क्या ही अच्छा हो की आप लिंक देने के स्थान पर पोस्ट में ही विडियो/ऑडियो दिखने की सुविधा करें..यह बहुत आसान है.हर विडियो क्लिप के साथ ही कोड होता है उसे पोस्ट में कॉपी पेस्ट कर लिजीये.]आभार

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

शुक्रिया. यूं ही सुनवाते रहें..
और हाँ अल्पना जी के सुझाये तरीके से वीडियो या ऑडियो पोस्ट करें तो और अच्छा लगेगा

हिन्दी चिट्ठाकारों का आर्थिक सर्वेक्षण : परिणामो पर एक नजर

नीरज गोस्वामी said...

अप्रतिम गीत...तीनो ही अद्भुत.... अलग रंग में...ये कमाल आपके बस का ही है...वाह...
नीरज

मीनाक्षी said...

पहले दो गीत हमारे सबसे प्रिय गीत हैं... और उससे पहले 'शुभ स्वागतम'.... आभार के शब्द नही हैं.. बस मुग्ध हो रहे हैं...सम्मोहित से होकर बार बार मधुर गीत सुन रहे हैं...

अभिषेक ओझा said...

पहले दोनों तो सुने हुए थे और पसंदीदा गीतों में से है. आभार इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए.

P.N. Subramanian said...

अरे वाह लावण्या जी, ये तीनों ही गीत हमारे संग्रह से ही तो हैं. बहुत ही मधुर. पहला चित्र भी बहुत सुन्दर है. अल्पना के सुझाव को क्रियान्वित करने का प्रयास करें तो अच्छा ही होगा. आभार.

रंजना said...

Aparimit aanand me sarabor karne ke liye aapka kotishah aabhaar.

रंजना said...

Aur radha rani ka chitra .....bas kya kahun...

रंजना [रंजू भाटिया] said...

राधे राधे :) तीनों गीत बहुत सुन्दर है चित्र मन मोह लेने वाला ..शुक्रिया लावण्या जी ..

विनय said...

उकृष्ट!

डॉ .अनुराग said...

तीनों गीत संग्रहणीय है, नायाब है.

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

तीनों अत्यन्त मधुर और नायाब। आपकी पसन्द की दाद देनी होगी।

Mired Mirage said...

तीनों गीतों का आनन्द लिया। एक से बढकर एक हैं। आभार।
घुघूती बासूती

sandhyagupta said...

Mantramugdh sa kar diya.aabhar.

परमजीत बाली said...

बहुत बढिया!!
चित्र भी बहुत सुन्दर लगा रखे हैं।