Monday, July 7, 2008

..." दिन आये ...दिन जाये, ..

दिन आए दिन जाए ..उस दिन की , क्या गिनती , जो दिन, भजन किए बिन जाए ...ये गीत , पूज्य पापाजी का भजन है ।
प्राईवेट रेकोर्ड " प्रेम, भक्ति मुक्ति " से है -
संगीत पण्डित हृदयनाथ मंगेशकर : स्वर : लता दीदी
"राम श्याम गुण गान " से एक और गीत है पण्डित भीमसेन जोशी और लता दीदी का गाया हुआ बाजे रे मुरलिया बाजे
ये कलात्मक चित्र बनाया उषा मंगेशकर जी ने -- जो एल्बम कवर है प्रेम भक्ति मुक्ति का -- गीतों की रस - वर्षा में भीगते हुए , आइये चलें ..
सँत श्री मोरारी बापु की रामायण कथा का हमारे शहर मेँ आजकल ९ दिनोँ के लिये सत्संग हो रहा है...वहीँ होल के भीतर का द्रश्य ..
और सभागार मेँ जाने के लिये तैयार हम ! :)
रास्ते मेँ , कयी छोटे बडे घर,गेस स्टेशन, गिरजाघर, अस्पताल, स्कूल,दुकानेँ,लोग,ये सब तो आता ही है...एक ये भी अकसर दीख जाता है ॥जी हाँ ये है कब्रगाह ॥अजीब सी बात लगेगी आपको,ये सुनकर ताज्जुब होगा कि, अमरीका के हर शहर की बस्ती के ठीक बीचोँबीच, ऐसे कई दीख पडते हैँ जिँदा और मुर्दा सभी को बराबरी का दर्जा मिला हुआ है इस देश मेँ ॥ बम्बई मेँ भी जुहु पर देखा है और अरब समुद्र की उत्तल तरँगोँ से लगा हुआ डाँडा के मछुआरोँ की बस्ती के पास भी एक शम्शान देखा है बस जब भी पैडर रोड से समुद्र के साथ दौडती है, डाँडा कोलीवाडा से पहले, ये जगह दीख जाती थी - कई बार जलती चिता भी देखी है ॥"जातस्य ही ध्रुवो मृत्यु " ..ये सच है हर जीवन का ! और जब तक जीवन शेष है अगर परम पिता या सुप्रीम पावर का ध्यान ना किया तो क्या जिये ?

और एक गीता "महाभारत " से सुनिए ॥

ये मुझे बहुत प्रिय है -

श्री कृष्ण से विदर्भ की राजकुमारी , रूक्मिणी

प्रार्थना कर रहीं है ...

बिनती सुनिए नाथ हमारी "
http://www.youtube.com/watch?v=64CIDDEt0uE&feature=related


और महा - रास महाभारत से.
http://www.youtube.com/watch?v=aKHRxCilE3s&feature=related

जिसका संगीत दिया है श्री राजकमल जी ने
और शब्द दिए span style="color:#cc0000;">पण्डित नरेन्द्र शर्मा

19 comments:

Udan Tashtari said...

उषा मंगेशकर जी की चित्रकला प्रतिभा को पहली बार जाना. आभार आपका.

दिनेशराय द्विवेदी said...

जाके प्रिय न राम वैदेही।
तजिए ताहि कोटि बैरी सम, जदपि परम सनेही।।
मोरारी बापू श्रेष्ठतम कथावाचक हैं। अनेक कलाओं का संगम। आप रामकथा का आनंद लीजिए, साथ ही एक साथ अनेक कलाओं के इस संगम स्नान का भी।

रंजू भाटिया said...

बहुत सुंदर .उषा जी का यह पहलू आपके लेख से ही जाना

Ghost Buster said...

उषा जी का बनाया चित्र बहुत सुंदर है. एल्बम कैसा होगा कल्पना की जा सकती है. हृदयनाथ जी का संगीत हमें बहुत पसंद है चाहे फिल्मी हो या गैर फिल्मी.

सुंदर चित्र और आलेख. आभार.

नीरज गोस्वामी said...

उस दिन की , क्या गिनती , जो दिन, भजन किए बिन जाए
ऐसी पंक्ति लिखने वाले पिता को प्रणाम. आप ने पंडित भीम सेन जोशी जी और लता जी के जिस भजन का जिक्र किया है वो अद्भुत है..जब सुनो तब ही आनंद की सरिता में गोते लगवाता है.
उषा जी की कला प्रतिभा को देख चकित हूँ...शब्द हीन.
अमेरिका बहुत घूमा हूँ और मुर्दों के प्रति उनके प्रेम को देख अभिभूत भी हुआ हूँ...प्रेम प्रदर्शन बिना किसी आडम्बर के.
नीरज

rakhshanda said...

ये नई जानकारी आपने ही दी, उषा जी इतनी अच्छी चित्रकार हैं, ये नही पता था, और हिरदय नाथ जी का संगीत तो दिल में सीधा उतर जाता है.अब ये हमारी बदकिस्मती ही है की उन्होंने ज़्यादा संगीत नही दिया...प्लीज़ इसी तरह नई नई जानकारियां देती रहें...शुक्रिया..

डॉ .अनुराग said...

वाकई उनकी प्रतिभा का कायल हो गया हूँ....चित्र भी सुंदर है......

राज भाटिय़ा said...

अरे वाह क्या सुन्दर चित्र हे, तीनो बहिनो मे भगवान ने गुण भरे हे, धन्यवाद

Abhishek Ojha said...

चित्र तो सचमुच अच्छा है... आप रामकथा का आनंद लीजिये और कुछ प्रेरक प्रसंग यहाँ भी ले आइये.

Gyan Dutt Pandey said...

ओह, सुन्दर। आपके ब्लॉग पर तो कुछ नया ही देखने-जानने को मिलता है!

Anita kumar said...

हमें भी नही पता था कि उषा मंगेशकर चित्रकार भी है। आप की तस्वीर भी बहुत अच्छी लग रही है

Harshad Jangla said...

Lavanyaji

Looking forward to get more glimpses of Ramkatha.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

आप सभी का धन्यवाद !
"रामकथा" सुनकर
मन शाँत और प्रसन्न है :)
जय सियाराम -
पवनसुत हनुमान की जय !

महामंत्री - तस्लीम said...

चलिए इसी बहाने उषा जी के व्यक्तित्व के एक अन्य पहलू से परिचय हुआ।

समयचक्र said...

बहुत सुंदर,शुक्रिया..

Dr. Chandra Kumar Jain said...

भाव पूर्ण....सुंदर...अप्रतिम
प्रस्तुति......कला-संस्कृति की
धरोहर है आपकी हर पोस्ट.
=======================
आभार
डा. चन्द्रकुमार जैन

Ila's world, in and out said...

बेहद सुंदर चित्र.ईश्वर ने एक ही परिवार में कला के चितेरे भेज दिये,चाहे संगीत हो या चित्रकला.

Ila's world, in and out said...

बेहद सुंदर चित्र.ईश्वर ने एक ही परिवार में कला के चितेरे भेज दिये,चाहे संगीत हो या चित्रकला.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

महामँत्री - तस्लीम जी,
महेन्द्र जी
डा.चँद्र कुमार जैन जी,
इलाजी ..
आप सभी को पोस्ट पसँद आयी उसकी खुशी है -
बहुत आभार यहाँ पधारे आप सभी और अपनी बातेँ रखीँ --
स्नेह सहित,
- लावण्या