Thursday, May 29, 2008

जयपुर राज्य का इतिहास

महाराज कुमारी गायत्री देवी का जन्म २३ मे १९१९ के दिन हुआ था।
महारानी इंदिरा देवी, महारानी गायत्री देवी की माताजी हैं। महारानी इंदिरा देवी, स्वयं संतान हैं -- Maharaja Sayaji Rao III और महारानी चिम्नाबाई (बरोदा के राजा व रानी )की । महारानी गायत्री देवी के पिताजी हैं : Maharaja Jitendra Narayan Bhup Bahadur, जो, महारानी सुनीति देवी सेन एवं Maharaja Nripendra Nayaran Bhup Bahadur की संतान हैं ।
महारानी गायत्री देवी , जयपुर की महारानी बनीं।
आइये, जयपुर राज्य का इतिहास , देखें -
महाराजा सवाई मान सिंघ २ का जन्म एक साधारण से ग्राम प्रांत में , ठाकुर ( Lieutenant-Colonel ) राजा सवाई सिन्घजी व ठकुराइन, ( ठाकुर श्री उमराव सिंघ कोटला की पुत्री ) , की इसाराडा की कोठी में , अगस्त २१ , १९११ की दिन हुआ था। वे उनकी दूसरी संतान थे और उन्होंने पुत्र का प्यार भरा नाम रखा " मोर मुकुट सिंघ "।
इस बालक का भविष्य अलग था .. ११ साल की उमर में जयपुर राज्य की गद्दी का वारिस बनते ही ,इसे , शानो शौकत की जिन्दगी नसीब हुई। वही कालांतर में, महाराज सवाई मान सिंघ के नाम से विख्यात हुए। महाराज , पोलो खेल के कुशल खिलाड़ी थे और दुसरे विश्व युध्ध में भी , उन्होंने , हिस्सा लिया था। स्पेन राज्य के दूत भी बने थे एवम कच्छवा राजपुतोँ के वे मुखिया हैँ ।
उनकी पदवी के मुताबिक , उनका पूरा नाम है -- सरमद -इ -राजा -इ -हीन्दुस्तान , राज राजेश्वर , श्री राजाधिराज् , महाराज सवाई जय सिंघ २ , महाराज
१७०० से १७४३ तक उन्हीके पिता ने राज किया जिनके नाम पे , शहर जयपुर को नाम मिला हुआ है। जयपुर शहर की संरचना , उन्हीं के आदेशानुसार हुई है। आम्बेर की पुरानी राजधानी से नयी जयपुर राजधानी का तबादला किया गया।
बादशाह , मुहम्मद औरंगजेब की बदौलत ही " सवाई " जयपुर राज्य के राजा के नाम के साथ हमेशा के लिए, जोड़ दिया गया ।।
१८८० से १९२२ , तक , महाराजा सवाई माधो सिंघ २ ने राज किया । एक बार जब् एडवर्ड सप्तम के राज्याभिषेक के समय , इंग्लैंड की यात्रा का अवसर आया , उस वक्त , महाराज की प्यास बुझाने , गंगा जल, चांदी के विशालकाय घडोँ मेँ , समुद्र पार करके ले जाया गया । चूंकि , समुद्रपार करना अपवित्र समझा जाता रहा था उस वक्त , और महाराज, माधो सिंघ , गंगा जल ही वहां इंग्लैंड में भी उपयोग करते रहे ! और , आज भी जयपुर के राजमहल में, वही चांदी के विशालकाय घडे , आज भी पर्यटक देख सकते हैँ !!
इन को , विश्व के विशालतम चांदी के बरतन , होने का श्रेय भी हासिल है !

सरमद -इ -राजा -इ -हिंदुस्तान , राज राजेश्वर श्री महाराजधिराजा महाराजा सवाई श्री सर मान सिंघ २, महाराजा ने , १९२२ से १९७० तक , राज किया । " सर " का खिताब उन्हें ब्रितानी सरकार ने दिया था । वे पोलो की टीम लेकर, ब्रिटेन गए जहां ब्रिटिश ओपन , जीते । १९४७ , राजप्रमुख राजस्थान बनकर, जयपुर का कार्यभार सम्हालते रहे - फ़िर , १९६४ से १९७० भारतीय दूत बनकर स्पेन गए । । महाराज जे सिंघ जी तथा महारानी गायत्री देवी ने विदेशों से आए , जैक्लिन केनेडी तथा इंग्लैंड की महारानी एलिज़बेथ द्वितीय २ जैसी हस्तियों का जयपुर में स्वागत सत्कार किया है।

१९७० तक राज करने वाले महाराज जे सिंघ जी तथा महारानी गायत्री देवी - इस परिवार का इतिहास , मानो भारत वर्ष के इतिहास का आइना - सा , लगता है - जहां, आपको मुगलिया सल्तनत के साथ साथ राजपूतों का मिला जुला इतिहास, दिखाई देता है और ब्रितानी ताकत के साथ बदलते समाज व राजघरानों का इतिहास भी दीखता है जो , भारत की आज़ादी के समय तक आ पहुंचता है ....
........आज, भी , जयपुर राज्य , सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र है जिसकी वजह से ही , आतंकवादीयों के निशाने से घायल है ये गुलाबी शहर ...
आगे , इतिहास की प्रतीक्षा करता हुआ , अतीत को संजोए , आप की प्रतीक्षा करता ...

9 comments:

DR.ANURAG ARYA said...

गायत्री देवी एक जमाने मे विश्व की सबसे सुंदर महिला मे से एक थी ओर जयपुर का इतिहास बताने के लिए शुक्रिया....

Gyandutt Pandey said...

महारानी गायत्री देवी तो सौन्दर्य का प्रतिमान हुआ करती थीं।

अभिषेक ओझा said...

गायत्री देवी के बारे में मैं भी डाक्टर आर्य और ज्ञान जी वाली जानकारी रखता हूँ. बाकी जानकारी के लिए शुक्रिया !

mahadev said...

कल के नेता (राजा) हो या आज के , सब ने अंग्रेजो की चमचागिरी की है । कब आजाद होगो हमारा देश ?

Harshad Jangla said...

Lavanyaji

An addition of an interesting episode to your ever-knowledgable blog.
Thanx & Rgds.

-Harshad Jangla
Atlanta, USA

Udan Tashtari said...

आभार जयपुर का इतिहास बताने के लिए.

बाल किशन said...

वैसे तो मैं भी राजस्थान का ही हूँ.
पर सच कहूँ तो इतनी जानकारी नही थी सिवाय महारानी के नाम के.
आपको धन्यवाद.

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

अपने ही शहर के वारे में इतना सब जानकार अच्छा लगा.. महारानी गायत्री देवी दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओ में शुमार थी.. उनकी कुछ तस्वीरो का संकलन एक बुक में किया है..

Udan Tashtari said...

बहुत जानकारी मिली.

महारानी गायत्री देवी को श्रृद्धांजलि!!