Wednesday, December 24, 2008

TLC - ये क्या है जी ? - " TLC " ??????

ये क्या है जी ? - " TLC " ?????? ( चित्र में बिन्दु भाभी जी अपनी धेवती के साथ मुस्कुराती हुईं )
ये क्या है जी ? - " TLC " ??????
SMS - युग है ना और सारे शब्द सिमट गए हैं !
...छोटे हो गए हैं ..घनता लिए पर अपने अर्थ आज भी ,
अपने में लिए हुए हैं ..यही भाषा का गुण है।
अभिव्यक्ति और इंसान से दूजे के मन तक अपनी बात समझाने की क्षमता भाषा का सबसे बड़ा गुण है -- तो शब्द किसी भी भाषा के क्यों न हों , वे क्या संदेस लेकर आते हैं और क्या कह जाते हैं यही सबसे महत्वपूर्ण बात है जो भाषा करती है - अब इत्ती लम्बी चौड़ी भूमिका लिखना इसीलिए वाजिब है क्यूंकि ऐसे ही एक एब्रीवीएटेड शब्द को चुना है आज मैंने और शीर्षक भी वही है आप में से जो लोग ऐसे आजके कम्प्यूटराइज़्ड एब्रीवीयेशन्ज़ इस्तेमाल करते हैं वे अवश्य परिचित होंगें ॥
ऐसे कई शब्दों से और " :-) .... स्माइली से भी !!

ये " TLC " भी ऐसा ही आज के चलन का शब्दों का समूह है --

" टेन्डर लविँग केर " की जगह, आजकल यही उपयुक्त होता है " TLC " !
और आज की पोस्ट ऐसे ही मानव अनुभूति के लम्हों को समर्पित है
...छुट्टी है , त्योहार है !!
भले ही क्रिसमस को कई लोग ख्रिस्ती धर्म से जुडा समझते होँ पर नये साल के पहले की यह सार्वजनिक बैन्क होलीडे का आनँद हरेक
देश मेँ, सब लोग, सुस्ता कर, रीलेक्स होकर, अपने परिवार और मित्रोँ के साथ बितायेँगेँ और हमारी यही शुभकामना है कि,
आप को भी ये टेन्डर लविँग केर मिले !! भरपूर मिले जी !!
ये मेरा बेटा सोपान नोआ के साथ
दो बहने
हमारी समधन जी , अनीता जी धेवती माया बिटिया के साथ
मेरी सहेली मारिया बदानी अल्मास और मुफज्ज़ल के साथ
नाना जी दीपक , नोआ बेटे के साथ :)
अनेक नन जीसस क्राइस्ट को भक्तिभाव से पूजतीँ हुईँ
माँ मरियम शिशु इशु के साथ
और ये माधुरी जी उनके पुत्र के साथ !!
अंत में , यशोदा का नन्द लाला , वात्सल्य , प्रेम, अपनापन, मृदुता , करुणा, सौहार्द्र,सहानुभूति , प्यार, सेवा सुश्रुषा जैसे कितने सारे रूप हैं जो इस शब्द में समाहित हैं : " TLC " !
इंसान सदा इन `सद्`गुणों की अनुभूति पाकर,
सही मायने में इंसानियत क्या होती है उसे महसूस करता है -
जिन व्यक्तियों के जीवन में इन मृदु भावनाओं का अभूव होता है
ऐसा सुनते हैं , वैसे लोग , कठोर ह्रदय के, हताश , निराश , मनोरोगी या विकृत इन्सान बन जाते हैं -
इस कारन से भी इस नन्हे शब्द की महत्ता , बहुत बड़ी है -
इंसान की स्वानुभूति सिध्ध सिद्धियों के पीछे ,
इस नन्हे शब्द " टेन्डर लविँग केर " का बहुत अहम् योगदान है --
समाज में , हम सभी अपनी अपनी जगह और मुकाम पाना चाहते हैं -
चाहे वह आभासी जगत हो या असल जीवन -
कोई अछुता नही अगर आप इंसान हो तब ,
आप दूजे से मानवीय सद्`व्यवहार की अपेक्षा करते हैं -
इसीलिए कहागया है ना ,
" Man is a Social animal "
बड़े बड़े जोगी भी माँ के दुलार से ही , युवा हुए और अपने अपने आत्मा से प्रेरित पथ पे चलकर सिध्ध और बुध्ध हुए
चाहे शंकराचार्य हों या सिद्धार्थ बुध्ध या रमन महर्षि हों या गांधी या ईशु ,
माँ के दुलार से सभी का जनम संवरा है !
पिता बहन, भाई, बहन मौसी, मामा बुआ नाना नानी दादा दादी परिवार का विस्तार ही समाज की बुनियाद बना है और समाज का फैलाव
पूरा विश्व है और सिमटे तो व्यक्ति और घर !
काश कोई इंसान ,
इस " टेन्डर लविँग केर " से वंचित ना रह जाये
ताकि वह एक अच्छा इंसान बन पाये !!
-- लावण्या






23 comments:

गौतम राजरिशी said...

सुंदर शब्दों की सुंदर चित्रावली

Neeraj Rohilla said...

लावण्याजी,
आपको भी क्रिसमस पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ।

राज भाटिय़ा said...

लावण्याजी,
आपको ओर सब को क्रिसमस के पर्व की बधाई, बहुत सुंदर चित्र.
धन्यवाद

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

लावण्याजी,
सपरिवार आपको और आपके ब्लॉग के सभी अतिथियों को सभी भी क्रिसमस पर्व की हार्दिक शुभकामनायें! सजीव चित्रों के लिए धन्यवाद!

Manoshi said...

बहुत सुंदर चित्र लावण्य दी। आप को और परिवार को बड़े दिन की शुभकामनायें।

मानोशी

ताऊ रामपुरिया said...

आपको क्रिसमस पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ।

आपने विषय के अनुरुप सुन्दर और मनोहारी चित्रो का सलेक्शन किया है ! और अन्त मे आज मां यशोदा और कान्हा का चिय्र लगा कर थीम को और भी सजीव कर दिया ! आज सुबह सुबह मन प्रशन्न हो गया !

क्रिशमश की रामराम !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

क्रिसमस पर टीएलसी की इस झांकी ने जन्माष्टमी के पर्व की याद दिला दी।
क्रिसमस पर सारे परिवार को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।

P.N. Subramanian said...

आप सब को TLC मिलता रहे. शुभकामनाओं के साथ.

Aaditya said...

बहुत सुन्दर!!

रंजन

Gyan Dutt Pandey said...

टेण्डर लविंग केयर इन चित्रों के माध्यम से समझ ही न आया, मन में भी उतर गया।

कुश said...

अहा ! मन गदगद हो गया...

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सुंदर चित्र सुंदर लेख .क्रिसमस की बधाई लावण्या जी

मीत said...

What a post !!!

निरन्तर - महेंद्र मिश्रा said...

सुंदर चित्रावली .आपको भी क्रिसमस पर्व की हार्दिक शुभकामनायें

Harshad Jangla said...

Lavanya Di
Wonderful post.

Merry Xmas and Happy New Year to all of you and your family members.
-Harshad Jangla
Atlanta, USA

कंचन सिंह चौहान said...

आपको हमारी TLC दी...और अपने लिये आपकी TLC हमेशा के लिये reserve.....!

डॉ .अनुराग said...

आपके मन में इतना स्नेह है की पूछिए म़त ....आपको ढेर सारा आदर व् नव वर्ष की शुभकामनाये ....छुटकू को ढेर सारा प्यार

नीरज गोस्वामी said...

आनंद आ गया चित्र देख कर...प्यार के पल सदा यूँ ही जवां रहें...ये ही कामना है...आप और आपके प्यारे से परिवार को नव वर्ष की अग्रिम शुभ कामनाएं...
नीरज

दिलीप कवठेकर said...

T L C for all of you.

Happy Christmas and New Year.

Best picture out of all on this post is Kanhaiya with yashoda maiyaa. Simply pious.

सुनीता शानू said...

नव-वर्ष की शुभकामनाएं लावन्य जी...आपने टी एल सी को बहुत खूबसूरत तरीके से प्रस्तुत किया...बधाई।

मलय said...

मैने तो इसे यू.पी. में लूट मचाती सरकारी योजना Total Literacy Campaign समझ लिया। लेकिन यह तो बड़ी जबरदस्त भावना को व्यक्त करता हुआ शब्द है।

अहा! आनन्द आ गया। शुक्रिया और शुभकामनाएं।

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

आप सभी के आगमन की प्रसन्नाता है - और आपकी बहुमूल्य टीप्पणियोँ के लिये सच्चे ह्र्दय से आभारी हूँ -
Wishing Every one a Happy & peaceful 2009 ahead --
warm regards,
- लावण्या

अल्पना वर्मा said...

wah! kitni khubsurat tasweeren hain!
yah poori post hi tender-loving hai :)