Sunday, December 30, 2007

गत वर्ष २००७ ~~ नया साल ये ....आया !!! २००८ !!

पुरानी पीढी भी गत वर्ष २००७ के प्रति , अपने भाव , समेटे , कभी ख़ुशी, कभी गम का अहसास लिए, २००८ का स्वागत कर रही हैं ।
स्थल : समुद्र किनारा, सान्ता मोनिका , लोस - एंजिलिस शहर --
नया साल ये ....आया !!! ....देखो ....देखो...
नई पीढी, के बालक ,
बहुत आशावान हैं ..
नोआ, मेरा नाती / My Grand son NOAH
ये नीचे जो पुतला दीख रहा है वो, एक कलाकार है जिसने अपने आपको इस तरह चांदी जैसे रंग से रंग लिया है मानों वो एक मूर्ति हो ! लोग बाग़ इन महाशय के साथ चित्र खिंचवाते हैं ओर वे देखनेवालों का मनोरंजन करते जा रहे हैं - @ Hollywood Street, city ऑफ़ Los ~ Angeles, California, U.SA
अमरीका ऐसा देश हैं जहां पर प्राचीन स्थापत्य के भाग्नावेश , हैं ही नहीं ! अजी हां , हो भी कहाँ से ? इसे बसे , बस , २०० + साल की अवधि पूरी हुई हैं ...सो, जों भी नयी इमारतें बनतीं हैं , वे दुनिया के पुराने नमूनों के साथ , अमेरीकी पसंद का मिला जुला, मिश्रित स्वरूप बनकर सामने आता हैं। मशीनी सीढियां हैं , तो साथ ,साथ हाथी की विशालकाय प्रतिमा को प्रमुख स्थान दिया गया है, जिससे खालिस अमरीकी स्थापत्य बन पडा है - जहां नये नये स्मारक , विश्व के पुराने स्थापत्य - कला के नमूनों की तरह बनाए जाते हैं ऐसे देस में, हम जैसे भारतीय लोग, पर्यटक होने के साथ साथ जन समुदाय का एक बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं --

Wednesday, December 12, 2007

आफ्रीका के प्रमुख स्थल


आफ्रीका भूखंड के बारे में अक्सर लोग बहुत कम जानते हैं - ये मनुष्य का उद्गम स्थान होते हुए भी सबसे ज्याध उपेक्षित भौगोलिक स्थान है --
Map of Africa: the Origin of Human Species but neglected Dark Continent which is below Europe & Middle East
Niger =नाइज्रर Nigeria =नाइजीरीया - - ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!

The human skeleton in Africa :-(
Killimanjaro Mountain, Africa the highest peak & a Holy place
1) Niger =नाइज्रर Nigeria =नाइजीरीया -

ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!

2 ) Congo, = कोंगो -- & -- Republic of Congo, =रीपब्लीक ऑफ़ कोंगों -

ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!
3) Ghana = घाना Guinea =गियाना -
ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!
4) Liberia = लाइबीरीया Libya =लीबिया -
- ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!
5) Niger =नाइज्रर Nigeria =नाइजीरीया -
- ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!
6) Zambia = जाम्बीया Zimbabwe = झीम्बावे -
- ये दो अलग प्रांत हैं ये पता नहीं था !!
Morocco =मोरोक्को , Egypt =ईजिप्त, Seychelles =सीषेल
Zimbabwe = झीम्बावे --किसी दिन अवश्य देखना पसंद करूंगी !
आफ्रीका के प्रमुख स्थल
[ click the underlined link below to read more ] : ~~

Maps and geography of Africa itself.

Algeria = अल्जीरिया
Angola = अंगोला
Benin =बे नी न
Botswana = बोत्स्वाना
Burkina Faso = बुर्कीना फासो
Burundi =बुरुंडी
Cameroon = कामारुन
Cape Verde =केप वरडे
Central African Republic =सेन्ट्रल आफ्रीक्न रीपब्लीक
Chad =चड
Comoros =कामोरोस
Congo, = कोंगो
Republic of Congo, =रीपब्लीक ऑफ़ कोंगों
Cote d'Ivoire =कोट दी आइवारी
Djibouti =दीजीबुटी
Egypt =ईजिप्त
Equatorial Guinea =विशुव्र्तीय गियाना
Eritrea =ईरीत्रीया
Ethiopia =इथीयोपीया
Gabon = गाबोन
The Gambia = गाम्बीया
Ghana = घाना
Guinea =गियाना
Guinea-Bissau =गियाना बिसू
Ivory Coast (Cote d'Ivoire) = आइवारी किनारे का प्रदेश
Kenya =केन्या
Lesotho = लिसोथो
Liberia = लाइबीरीया
Libya =लीबिया
Madagascar =माडागास्कर
Malawi =मालावी
Mali =माली
Mauritania =माओरीटानीया
Mauritius =मोरोशीयास
Morocco =मोरोक्को
Mozambique = मोजाम्बीक
Namibia =नामीबिया
Niger =नाइज्रर
Nigeria =नाइजीरीया
Rwanda =रवांडा
Sao Tome and Principe =साओ तोमे और प्रीन्सीपे
Senegal =सेनीगल
Seychelles =सीशेल
Sierra Leone =सीयेरा लियोन
Somalia =सोमालिया
South Africa =दक्षिण आफ्रीका
Sudan =सुदान
Swaziland =स्वाज़ीलेंद
Tanzania =तान्जानिया
Togo =टोगो
Tunisia = त्युनीशीया
Uganda = युगांडा
Zambia = जाम्बीया
Zimbabwe = झीम्बावे

Tuesday, December 11, 2007

रानी व बाबू नामक दो चिंपांज़ी



बी. बी. सी के सौजन्य से : ~
~ रानी व बाबू नामक दो चिंपांज़ी की शरारत भरी कहानी का मज़ा लें http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/12/071206_chimpanzee_out.shtml
चिंपांज़ी को आम तौर पर इंसानों का दोस्त कहा जाता है,लेकिन तभी तक जब तक यह विशाल जीव पिंजड़े के भीतर रहे.
इसके पिंजड़े से बाहर आ जाने पर कितना हंगामा हो सकता है इसका नज़ारा बुधवार की शाम को कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में देखने को मिला.
कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में आए दर्शकों ने इस बात की कल्पना तक नहीं की होगी कि उनको इतनी बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा.
वहाँ रानी व बाबू नामक दो चिंपांज़ी बुधवार शाम अचानक अपने पिंजड़े से बाहर निकल आए. उन्होंने दो महिला दर्शकों को पंजा मारने का भी प्रयास किया. उन विशालकाय जीवों को देखते ही चिड़ियाघर परिसर में भगदड़ मच गई और लोग वहां से भागने लगे.
'चिंपाज़ी ने लात मारकर गिराया'
चिड़ियाघर के निदेशक सुबीर चौधरी कहते हैं कि चिंपांज़ी दंपति के पिंजड़े में लगा ताला पुराना था. वे उसे तोड़ कर बाहर निकल आए. लेकिन बाहर आने के बाद लोगों की चीख-पुकार सुन कर वे घबरा गए और फिर अपने पिंजड़े में घुस गए.
कानन दास चौधरी कहते हैं कि अब पिंजड़े में एक नया ताला लगाया जाएगा और इस मामले में किसी की गलती नहीं है. प्रबंध समिति की बैठक में भी इस मामले पर विचार किया जाएगा.
चौधरी चाहे जो भी दलील दें, जाड़े की दुपहरी में चिड़ियाघर घूमने के बाद बाघ के पिंजड़े के बाहर आराम कर रहे दास परिवार को यह अनुभव जीवन भर याद रहेगा.
परिवार की बुज़ुर्ग महिला कानन दास अब बी उसे याद कर सिहर उठती हैं. वे कहती हैं, "हमलोग घूमने के बाद कुछ देर के लिए आराम करने बैठे थे. अचानक वह विशाल जानवर मेरे कंधे पकड़कर हिलाने लगा और लात से मार कर मुझे गिरा दिया. यह देख कर मेरी पुत्रवधू पंपादेवी ने चिंपाज़ीको मुक्के से मारा. इस पर चिंपाज़ी ने उसे भी एक लात मार दी, जिससे वे नीचे गिर गईं. "
रानी तो सुरक्षा कर्मचारियों के शोरगुल से जल्दी ही पिंजड़े में लौट गई, लेकिन बाबू को पकड़ने में चिड़ियाघर के कर्मचारियों के पसीने छूट गए.
वह पूरे इलाके में काफ़ी देर तक भागता रहा और इस दौरान चिड़ियाघर में आतंक व अफऱातफरी का माहौल रहा.
अफ़रातफ़री
चिपांज़ी के बाहर आने से चिड़ियाघर में अफ़रातफ़री मच गई
चिड़ियाघर में बुधवार को कोई आठ हज़ार दर्शक पहुंचे थे. बाबू के पिंजड़े में लौटने के बाद उन लोगों ने चैन की सांस ली, लेकिन इस घटना के घंटों बाद भी इसका आतंक उनके चेहरों पर साफ नज़र आ रहा था.
हावड़ा के शिक्षक सुकुमार घोष अपने दो बच्चों व पत्नी के साथ घूमने आए थे. वे कहते हैं, "अचानक शोरगुल मचा और लोग बेतहाशा भागने लगे. पहले तो कुछ समझ में ही नहीं आया. फिर देखा कि एक चिंपाज़ी दो लोगों को खदेड़ रहा है. उस समय दिमाग ही काम नहीं कर रहा था छोटे बच्चों को लेकर कहां जाएं. फिर हम वहीं एक पेड़ की आड़ में छिप गए.
एक अन्य दर्शक रूमा पाल तो जान बचाने के लिए अपने पति के साथ एक रेस्तरां की रसोई में घुस गई. एक पेड़ के नीचे बैठकर नाश्ता कर रहे दो मित्र-खगेन व अभिजीत तो चिंपाज़ी को अपनी ओर लपकते देख टिफिन वहीं छोड़ कर सिर पर पांव रख कर भागने लगे. बाद में उन्होंने एक रेस्तरां के भीतर घुस कर पीछा छुड़ाया.
अब इस घटना के बाद चिड़ियाघर की प्रबंधन समिति ने विभिन्न जानवरों के पिंजड़ों की नए सिरे से जांच करने व खामियों को दूर करने का फैसला किया है ताकि दोबारा ऐसा कोई घटना नहीं हो.

Monday, December 10, 2007

-"अमर गायक श्री मुकेशचँद्र माथुर की याद मेँ "

भारत सरकार द्वारा प्रसारित की गयी, मुकेश जी की यादगार डाक टिकट
एक पुराना चित्र - मुकेश जी और राज सा'ब - मानोँ शरीर और आत्मा !
श्री मुकेश जी जब लोस -ऐन्जिलिस, केलीफोर्नीया शो के लिये आये थे तब मैँ, उनके सँग इस चित्र मेँ हूँ

श्रीमती कृष्णा राज कपूर अपनी छोटी पुत्री रीमा के सँग - रीमा लँदन मेँ ब्याही हैँ और भारत अक्सर आती रहतीँ हैँ
ये मेरा रेडियो इन्टर्व्यु है -"अमर गायक श्री मुकेशचँद्र माथुर की याद मेँ "
It was relayed from Netherlands, Europe
the Female DJ is Vimlaji & Subhash ji is the Male DJ

http://pl216.pairlitesite.com//lavanya/MukeshKiYaadenDeel3-VimlaSoebhaas.mp3

और ये रत्नघर का गीत "ऐसे हैँ सुख सपन हमारे"

http://pl216.pairlitesite.com/lavanya/RATNAGHAR_aise-hain-sukh-sapan-hamaare.

Sunday, December 9, 2007

विहँगम पर्बत द्र्श्यावली

१०,००० फीट की ऊँचाई पर बादलोँ से घिरा पर्बत शिखर / स्थान: हवाई
हिमालय मेखला की विहँगम पर्बत द्र्श्यावली कँचनजँघा
विश्वका सर्वोच्च पर्बत शिखर : सागरमठा या ऐवेरेस्ट / Everest
जापान का मशहूर पर्बत: माउँट फिजी
हिमालय पर्बत शृँखला की एक और दुर्गम चोटी अन्नपूर्णा परबत

yea in my mind those mountains rise,
their perils dyed with evening's Rose,
yet my Ghost, sits at my Eye ,
and hungers for their untoubled snow !

Lyrics written by : Walter De la Mer

मेरे अँतरपट पर इन गिरिशृँगोँ की पडती छाया
साँध्य गुलाबोँ से रँजित है जिनकी भीषण दुर्गमता
फिर भी, मेरे प्राण पलक पर बैठ अकुलाते,
शांत शुभ्र हिम के प्यासे, है कैसी यह पागल ममता !


काव्य पँक्तियाँ : कवि स्व. पँडित नरेन्द्र शर्मा

Wednesday, December 5, 2007

ऐसे हैं सुख सपन हमारे

श्रीदेवी
सुश्री लता मंगेशकर
गायिका: सुश्री लता मंगेशकर फ़िल्म रत्न घर
संगीत : श्री सुधीर फडके शब्द: पंडित नरेन्द्र शर्मा
ये एक पुराना किंतु मधुर गीत है जिसे सुनकर जीवन का सत्य मन पे हावी होता है और हम मानते हैं की हाँ,ऐसे ही होते हैं हमारे जीवन के सपने ...बन बन कर बिखरने वाले मानों बालू के कण हों,जिनसे हम घर बनाते हैं जो हर लहर के साथ फ़िर दरिया के पानी के साथ मिल कर बिखर जाते हैं,
ऐसे हैं सुख सपन हमारे
बन बन कर मिट जाते जैसे
बालू के घर नदी किनारे
ऐसे हैं सुख सपन हमारे....
लहरें आतीं, बह बह जातीं
रेखाए बस रह रह जातीं
जाते पल को कौन पुकारे
ऐसे हैं सुख सपन हमारे....
ऐसी इन सपनों की माया
जल पर जैसे चाँद की छाया
चाँद किसी के हाथ न आया
चाहे जितना हाथ पसारे
ऐसे हैं सुख सपन हमारे....
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