Sunday, June 3, 2007

मेजबाँ बनते बील गेट्स्` आपके गरेबाँ तक . " Surface ".

श्रीमान` बील गेट्स` के घर का अतिथि सत्कार का कमरा

http://specials.rediff.com/money/2007/jun/02sld5.htm
अतिथि आप और कोफी की या चाय की मेज़ आपका कम्प्युटर !

अजी उतना ही क्यूँ ? ये आपके मनोरँजन की विविधता लिये आपके दोस्तोँ , पत्नी , प्रेयसी या मित्रोँ के सँग लगातार कई घँटे तक आपको मनोरँजन, ज्ञान, खोज, खेलकूद, इत्यादी कई तरीकोँ से बहलाये रखने मेँ समर्थ "माइक्रोसोफ्ट कँपनी " की नई इजाद है
--तो, मिलिये," सरफेस से "....
अभी तो इसकी कीमत तकरीबन $५,००० से $ १०,००० /- तक रखी गई है जो आम आदमी की पहुँच से परे है -
बडी होटलेँ जैसे कि, "हाराज़ ऐन्टरटेनमेन्ट इन्क." ( जो लास -वेगस शहर मेँ भी बडे पैमाने पर यात्रीयोँ की सुविधा का प्रबँध करती है
-और ' स्टारवुड होटल एन्ड रीज़ोर्ट वर्ल्डवाइड इन्क" जैसी प्रख्यात और समृध्ध होटल चेन आपको
"सरफेस " से मुलाकात करवाने की पहल मेँ हैँ --

मनोरँजन, आपकी मनचाही खरीदारी और जीवन से जुडकर, जल्द ही श्रीमान्` बील गेट्स का यह नया उपहार / आविष्कार " सरफेस" आप के लिये, "मेजबाँ बनता हुआ...सीधा आपके गिरेबाँ तक कब्ज़ा जम्मा लेगा ..! " :-)
और कुछ माह के बाद, आम जनता भी इसे खरीदने की ललक मेँ भागेगी, सबसे समीप के, बेस्ट बाय " या मोल की दुकानोँ पर !

4 comments:

संजय बेंगाणी said...

सरफेस एक मजेदार उत्पाद है.

Lavanyam -Antarman said...

Jee haan Sanjay bhai --
I'm away from My PC so please excuse my reply in Roman :-)
Thank you so much for stopping by & for your comment
I read TARKASH regulery & like your Web Magazine a lot. God Luck with it.
Rgds,
L

safat alam taimi said...

मानवता के मार्गदर्शन हेतु हर युग में ईश्वर ग्रन्थ अवतरित करता रहा सब से अन्त में अवतरित होने वाला ग्रन्थ पवित्र क़ुरआन है जो मानव के कल्याण हेतु अवतरित हुआ है, इस का सम्पूर्ण मानव जाति के लिए है। कृपया इस के सम्बन्ध में अवश्य पढ़े
http://safat.ipcblogger.com/blog/?cat=4
धन्यवाद

safat alam taimi said...

मानवता के मार्गदर्शन हेतु हर युग में ईश्वर ग्रन्थ अवतरित करता रहा सब से अन्त में अवतरित होने वाला ग्रन्थ पवित्र क़ुरआन है जो मानव के कल्याण हेतु अवतरित हुआ है, इस का सम्पूर्ण मानव जाति के लिए है। कृपया इस के सम्बन्ध में अवश्य पढ़े
http://safat.ipcblogger.com/blog/?cat=4

धन्यवाद